शेष-अशेष

यह ब्लाग उन स्नेही वरिष्ठ जनों को सप्रेम समर्पित है जिन्होंने मुझे ब्लाग पत्रकार बनने प्रेरित किया, यहां आप पढ़ सकते हैं खबरें, आलोचनाएं, प्रशंसा, समसामयिकी, कविताएं भी, टोटली जो अखबार या कहीं और नहीं लिख सकता सारी भड़ास यहीं निकलेगी, आपका स्वागत है।

रविवार, नवंबर 25, 2012


Posted by Nitin Kumar Patel at 11/25/2012 11:20:00 am
इसे ईमेल करेंइसे ब्लॉग करें! X पर शेयर करेंFacebook पर शेयर करेंPinterest पर शेयर करें

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

नई पोस्ट पुरानी पोस्ट मुख्यपृष्ठ
मोबाइल वर्शन देखें
सदस्यता लें टिप्पणियाँ भेजें (Atom)

सदस्यता लें

संदेश
Atom
संदेश
टिप्पणियाँ
Atom
टिप्पणियाँ

मेरे बारे में

मेरी फ़ोटो
मेरा पूरा प्रोफ़ाइल देखें

लोकप्रिय पोस्ट

  • होमी जहांगीर भाभा का जन्मदिन आज
                        होमी जहांगीर भाभा   ( ३० अक्तूबर ,   १९०९   -   २४ जनवरी ,   १९६६ )   भारत   के एक प्रमुख वैज्ञानिक और स्वप्नदृष्...
  • तानाशाह
    मन की बात सुनाता है पर मनों की बात सुनने से डरता है तानाशाह घरों को जलाता है आग से डरता है तानाशाह घर जल रहा हो तो  विदेश भाग जाता है तानाशा...
  • 10 सालों में प्रदेश नहीं भाजपा के मंत्रियों का हुआ विकास: निरूपम
    पूर्व विधानसभा के कटरा अधारताल कटरा तिराहे पर हुई आमसभा, सतीश चतुर्वेदी ने भी दिखाए तेवर                        भारतीय जनता पार्टी के...
  • अब जीत ही गए है तो समझें जिम्मेदारी ......
    विधानसभा चुनाव में इस बार पूर्व विधान सभा को छोड़कर बाकि छेत्रो में अप्रत्याशित परिणाम तो देखने नही मिले लेकिन जिस दिन मत गड़ना चल रही थी उस...
  • ये बच्ची चाहती है कुछ और दिन मां को खुश रखना
    ये बच्ची चाहती है कुछ और दिन मां को खुश रखना   वो कपड़ों की मदद से अपनी लंबाई छिपाती है।   मुहाजिरनामा और मां जैसी पुस्तकों के रचियता मुनव...
  • आसमां थे मगर सिर झुकाए चलते थे
    विधानसभा अध्यक्ष ईश्वरदास रोहाणी की हृदयाघात से हुई मृत्यु, ग्वारीघाट में हुआ अंतिम संस्कार, सीएम सहित अनेक नेता हुए शामिल शहर के...
  • उर्जा संरक्षण के प्रति विद्यार्थियों में दिखा उत्साह
    26 वाँ पश्चिम भारत राज्य स्तरीय विज्ञान मेला किसी ने बायोगैस संयंत्र बनाया तो किसी ने समुद्र की लहरों से उर्जा उत्पादन का प्रोजेक्ट तै...
  • कमबख्त जिन्दगी
    बिल्कुल किसी दिल फैंक हसीना की तरह है कमबख्त जिन्दगी है कि हाथ छोड़ती नही कोशिश जरूर की पर अब लगने लगा मुश्किल बेडिया है ये समाज की कि ट...
  • निजी पे्रक्टिस पर नहीं लग पा रहा अंकुश
    निजी हॉस्पिट्ल्स में सेवाएं दे रहे चिकित्सक, प्रबंधको के झूठ की वजह से नहीं हो पा रही कार्रवाई शहर के एल्गिन अस्पताल में सेवाएं दे रहे अध...
  • ५२ दिनों बाद अनलॉक हुआ शहर लगता है अब भी बेडिय़ों से जकड़े हैं
    शहर लग तो रहा है कि अनलॉक हो गया लेकिन जिस तरह से सघन बाजारों को जबरन बंद कराने प्रशासन कवायद में जुटा है उससे लगता नहीं कि लॉकडाउन हटा है। ...

Misfitlive : Webcasting by Girish Billore

Translate This Page

web counter
CG Blog

फ़ॉलोअर

संग्रह

  • जुलाई (1)
  • जून (3)
  • मई (3)
  • मार्च (3)
  • जुलाई (1)
  • जून (1)
  • दिसंबर (1)
  • दिसंबर (2)
  • नवंबर (25)
  • अक्टूबर (7)
  • नवंबर (6)
  • फ़रवरी (1)
  • दिसंबर (1)
  • नवंबर (1)
  • अक्टूबर (8)
  • मई (1)
  • जुलाई (1)
  • अप्रैल (2)
  • फ़रवरी (1)
  • जनवरी (1)
  • दिसंबर (2)
  • नवंबर (8)
  • अक्टूबर (4)

कुल पेज दृश्य

Powered By Blogger

यह ब्लॉग खोजें

मेरी ब्लॉग सूची

Wikipedia

खोज नतीजे

बुरे बर्ताव की शिकायत करें

शेष-अशेष. सरल थीम. konradlew के थीम चित्र. Blogger द्वारा संचालित.